देश के किसानों के लिए सिंचाई हमेशा एक बड़ी चुनौती रही है। कई गांवों में न तो बिजली की नियमित सुविधा उपलब्ध है और न ही नहर का पानी समय पर मिल पाता है। ऐसी स्थिति में खेती प्रभावित होती है और फसल को नुकसान भी उठाना पड़ता है। इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान योजना शुरू की गई थी, जिसे आम तौर पर Kusum solar pump Yojana कहा जाता है। इस योजना का उद्देश्य किसानों को सोलर पंप उपलब्ध कराकर सिंचाई की सुविधा देना है।
हाल ही में खबरें सामने आ रही हैं कि वर्ष 2026 में बड़ी संख्या में किसानों को सोलर पंप का लाभ दिया जा सकता है। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया जा रहा है कि मात्र 500 रुपये जमा कर किसान सोलर पंप लगवा सकते हैं। हालांकि वास्तविकता यह है कि योजना के तहत सरकार अलग-अलग श्रेणी के किसानों को 70 से 80 प्रतिशत तक सब्सिडी देती है। शेष राशि का भुगतान किसान को स्वयं करना होता है। सब्सिडी की दर राज्य और श्रेणी के अनुसार अलग हो सकती है।
सोलर पंप लगने से किसान दिन में लगभग 8 से 10 घंटे तक सिंचाई कर सकते हैं। यह पंप सूर्य की रोशनी से चलता है, इसलिए बिजली बिल का खर्च नहीं आता। लंबे समय तक चलने वाली यह तकनीक किसानों को 25 से 30 वर्षों तक लाभ दे सकती है। इससे डीजल पंप पर निर्भरता कम होती है और पर्यावरण को भी फायदा मिलता है। जिन क्षेत्रों में बिजली की समस्या है, वहां यह योजना काफी उपयोगी साबित हो सकती है।
आवेदन प्रक्रिया आमतौर पर ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से होती है। आवेदन करते समय किसान को अपनी जमीन से जुड़े दस्तावेज, आधार कार्ड, पहचान पत्र, बैंक खाता विवरण और मोबाइल नंबर जैसी जानकारी देनी होती है। चयन के बाद संबंधित विभाग द्वारा सत्यापन किया जाता है और पात्र पाए जाने पर सब्सिडी के साथ सोलर पंप लगाने की प्रक्रिया शुरू की जाती है।
हालांकि 3.50 लाख किसानों की सूची जारी होने और 500 रुपये में पंप मिलने संबंधी खबरों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए किसानों को सलाह दी जाती है कि वे केवल सरकारी पोर्टल या संबंधित विभाग की आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करें।
डिस्क्लेमर: यह लेख विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और सामान्य जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। योजना से जुड़ी सटीक शर्तें, सब्सिडी दर और आवेदन प्रक्रिया के लिए संबंधित राज्य सरकार या आधिकारिक वेबसाइट की पुष्टि अवश्य करें।








